जामुनवाला क्षेत्र में युवक के कथित अपहरण और लूटकांड की कहानी अब सवालों के घेरे में आ गई है। युवक खुद स्कूटी में सबसे पीछे बैठकर जाता हुआ दिखाई दे रहा है। इससे सवाल खड़ा हो रहा है कि उसे अगवा करना होता तो स्कूटी में सबसे पीछे क्यों बैठाया जाता। ऊपर से जिस पुल से नीचे फेंकने के आरोप हैं वहां वो स्कूटी एक घंटे तक खड़ी रही है। पुलिस जांच में सामने आए सीसीटीवी फुटेज और घटनास्थल से जुड़े तथ्यों ने पूरे मामले को संदिग्ध बना दिया है।प्रेमनगर थाना क्षेत्र निवासी युवक आकाश के पिता ने पुलिस को दी तहरीर में आरोप लगाया था कि कुछ युवकों ने उनके बेटे का अपहरण कर उससे लूटपाट की और बाद में जामुनवाला पुल के नीचे फेंक दिया। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी। पुलिस की चार टीमें मामले की जांच में जुटी हैं और हर पहलू की पड़ताल की जा रही है।
जांच के दौरान सामने आए सीसीटीवी फुटेज ने कहानी को नया मोड़ दे दिया। फुटेज में आकाश खुद स्कूटी पर सबसे पीछे बैठकर जाते हुए दिखाई दे रहा है। स्कूटी पर कुल तीन युवक सवार थे। पुलिस सूत्रों के अनुसार, युवक किसी दबाव या जबरदस्ती में नहीं दिख रहा, जिससे अपहरण की कहानी पर संदेह उत्पन्न हो रहा है।जांच में यह भी सामने आया है कि जिस स्कूटी से युवक गया था, वह कथित घटनास्थल के पास करीब एक घंटे तक खड़ी रही। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि उस दौरान वहां क्या हुआ और युवक किन लोगों के संपर्क में था।जामुनवाला पुल से नीचे फेंकने के दावे की भी गहन जांच की जा रही है। घटनास्थल की परिस्थितियां और अब तक मिले साक्ष्य इस दावे को पूरी तरह पुष्ट नहीं कर पा रहे हैं। पुलिस मोबाइल लोकेशन, सीसीटीवी फुटेज और संबंधित युवकों से पूछताछ के आधार पर घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ रही है। एसपी सिटी प्रमोद कुमार ने बताया कि चार टीमें मामले के हर पहलू की जांच कर रही हैं। पुलिस जल्द ही पूरे घटनाक्रम का खुलासा करेगी।
पिता की 35 सेकेंड की बातचीत भी सवालों के घेरे में
जांच में सामने आया है कि युवक का जो मोबाइल लूटने की शिकायत की गई है उस पर पिता के फोन से कथित घटना के समय ही कॉल किया गया था। उस कॉल में करीब 35 सेकेंड की बातचीत हुई है। ये बातचीत सवालों के घेरे में आ गई है कि आखिरकार पिता ने किससे और क्या बात की।







