स्वास्थ्य विभाग की ओर से नीलकंठ धाम में दो कमरों का हेल्थ कंटेनर लग गया है। इसमें एक बेड, ओपीडी, जीवन रक्षक दवाइयों के लिए पर्याप्त स्थान और शौचालय की सुविधा उपलब्ध है। हेल्थ कंटेनर लगने से शिवभक्तों के साथ ही स्थानीय लोगों को भी स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ मिलेगा।वर्तमान समय में स्वास्थ्य उपकेंद्र नीलकंठ में एक फार्मासिस्ट और एक एएनएम की तैनाती है। तौली, मौन, तलाईं, पुंडरासू समेत करीब एक दर्जन गांवों के लोग स्वास्थ्य सेवाओं के लिए केंद्र पर निर्भर है। केंद्र में पर्याप्त स्वास्थ्य लाभ न मिलने के कारण स्थानीय ग्रामीणों को करीब 25 से 30 किमी दूर एम्स, उप जिला चिकित्सालय ऋषिकेश और राजकीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र टाइप ए लक्ष्मणझूला जाना पड़ता है।
नीलकंठ यात्रा, चारधाम और कुंभ मेले में यहां लाखों की तादाद में श्रद्धालु पहुंचते हैं। लंबे समय से स्थानीय लोग शासन प्रशासन से उपकेंद्र के उच्चीकरण की मांग करते आ रहे हैं। श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों की सुविधा के लिए अब प्रदेश सरकार की ओर से नीलकंठ में स्वास्थ्य सेवा का विस्तार हो रहा है। स्वास्थ्य उपकेंद्र के समीप दो कक्षों का हेल्थ कंटेनर लग गया है। अब यहां एक फार्मासिस्ट, एक चिकित्सक, एक नर्सिंग अधिकारी और एक वार्ड बॉय की तैनाती होगी। महाशिवरात्रि पर्व को देखते हुए इसे शिवभक्तों के लिए खोल दिया गया है। इसका औपचारिक उद्घाटन चारधाम यात्रा के दौरान होगा।
कोट
चारधाम और नीलकंठ यात्रा को ध्यान में रखते हुए प्रदेश सरकार की ओर से नीलकंठ धाम में दो कमरों का हेल्थ कंटेनर लग गया है। इससे स्वास्थ्य सेवाओं में विस्तार होगा। अप्रैल माह में इसका औपचारिक उद्घाटन होगा। महाशिवरात्रि के कारण इसका अस्थायी संचालन शुरू कर दिया गया है। – डॉ. राजीव कुमार, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी यमकेश्वर







