विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने धर्मशाला के एक सरकारी डिग्री कॉलेज में छात्रा की आत्महत्या के मामले पर संज्ञान लिया है। यूजीसी ने कहा कि इस मामले की जांच के लिए एक फैक्ट फाइंडिंग समिति गठित करने का निर्णय लिया गया है। आयोग ने आश्वासन दिया कि दोषियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। यूजीसी ने स्पष्ट किया कि छात्रों की सुरक्षा सर्वोपरि है और ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जाएंगे।
पीड़िता के पिता ने की न्याय की मांग
पीड़िता के पिता ने कहा, यह हमारे लिए बहुत कठिन समय है क्योंकि मेरी बेटी की मौत हो गई है। कॉलेज के प्रोफेसर ने उसे प्रताड़ित किया। आपने वीडियो भी देखा होगा, जिसमें उसने घटना के बारे में सब कुछ बताया है। कॉलेज प्रशासन को शर्म आनी चाहिए। हम अपने बच्चों को पढ़ने के लिए कॉलेज भेजते हैं। कॉलेज की अन्य छात्राओं का क्या होगा? मेरी बेटी ने मुझे फोन करके बताया था कि अन्य छात्राओं ने उसे पीटा है। जब हम उसे घर लाए, तो वह बहुत घबराई हुई थी। उसे बुरी तरह पीटा गया और इतना प्रताड़ित किया गया कि वह अवसाद में चली गई। लुधियाना में उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। मुझे न्याय चाहिए।
पुलिस ने मामले पर क्या कहा
कांगड़ा के पुलिस निरीक्षक (एसपी) अशोक रतन ने बताया, कॉलेज की छात्रा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के मामले में पुलिस ने यौन उत्पीड़न और रैगिंग का मामला दर्ज किया है। उन्होंने कहा, हमें शिकायत मिली और उसकी जांच के बाद कल शाम को बीएनएस के रैगिंग अधिनियम की धारा 115, 3 (5) और 75 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई। मृतक छात्रा धर्मशाला की निवासी थी। चूंकि जांच प्रारंभिक चरण में है, इसलिए संकाय सदस्यों के खिलाफ यौन उत्पीड़न के आरोपों और सहकर्मियों के खिलाफ रैगिंग के आरोपों से संबंधित तथ्यों पर विचार किया जा रहा है और उनकी पुष्टि की जा रही है।एसपी ने कहा, मुख्यमंत्री हेल्पलाइन के माध्यम से 20 तारीख को दर्ज कराई गई इस घटना की जांच में यौन उत्पीड़न के आरोप शामिल नहीं थे। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, हम उनका संज्ञान लेंगे और उन पर कड़ी कार्रवाई करेंगे। जांच प्रतिदिन के आधार पर की जाएगी।







