यमकेश्वर ब्लॉक अंतर्गत ग्राम पंचायत बूंगा के तोक गांव डौंरपाली-मोहनचट्टी सड़क को 14 वर्ष बाद भी द्वितीय चरण की स्वीकृति नहीं मिल रही है। करीब तीन किमी की सड़क के इंतजार में आधा दर्जन गांवों के ग्रामीणों की आंखें पथरा गई हैं। ग्रामीणों ने ग्राम पंचायत की खुली बैठक में शासन प्रशासन के खिलाफ आंदोलन करने की चेतावनी दी है। मई 2011 में मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत शासन स्तर से ग्राम पंचायत बूंगा के डौंरपाली, बीरकाटल, कुमार्था और मोहनचट्टी पुल तक करीब तीन किमी सड़क की प्रथम चरण में स्वीकृति मिल गई थी। बिनक गांव से सड़क का निर्माण कार्य शुरू होना था।लोक निर्माण विभाग दुगड्डा की ओर से सड़क का सर्वें कार्य भी पूरा किया जा चुका है।
प्रथम चरण के कार्य को हुए करीब 14 वर्ष से अधिक का समय बीत गया है, लेकिन सड़क का निर्माण कार्य अधर में लटका हुआ है। सड़क को अभी तक शासन-प्रशासन स्तर से द्वितीय चरण की स्वीकृति नहीं मिली है।स्थानीय ग्रामीण हरेंद्र सिंह रौथाण, उपेंद्र सिंह रौथाण, मदन लाल, आनंद सिंह आदि ने बताया कि गांव में सड़क सुविधा नहीं होने के कारण बीते दो वर्षों में डौंर गांव से बिनक सड़क तक पहुंचाने में अब तक करीब दो ग्रामीणों की मौत हो चुकी है। एक गर्भवती का प्रसव सड़क तक पहुंचने से पहले ही हो चुका है।सड़क सुविधा नहीं होने से करीब आधा दर्जन गांव के कई परिवार पलायन कर चुके हैं। सड़क का निर्माण कार्य पूरा करने के लिए कई बार शासन प्रशासन और स्थानीय जनप्रतिनिधियों को लिखित और मौखिक रूप से अवगत कराया जा चुका है। बावजूद ग्रामीणों की समस्या जस की तस बनी हुई है।
कोट
डौंरपाली-मोहनचट्टी सड़क की द्वितीय चरण की स्वीकृति शासन स्तर पर प्रगति पर है। अभी विभाग की ओर से बनाई गई सड़कों के लिए ग्रामीणों को प्रतिकर दिया जा रहा है। – निर्भय सिंह, अधिशासी अभियंता, लोक निर्माण विभाग दुगड्डा







