हल्द्वानी शहर में भूमाफियाओं ने सरकारी भूमि को गुपचुप तरीके से फ्रीहोल्ड कराकर बेच दिया। भवन निर्माण शुरू किए जाने पर इसका खुलासा हुआ। मामले में यूपीसीएल व जल संस्थान ने जिला विकास प्राधिकरण और नगर निगम प्रशासन को पत्र भेजा गया है। फिलहाल मौके पर निर्माण कार्य बंद है।तिकोनिया में यूपीसीएल और जल संस्थान कार्यालय के पीछे सरकारी भूमि है। यूपी के जमाने में इस भूमि पर विद्युत परिषद के कर्मचारियों के आवास बने थे। उस दौरान परिषद के अधीन नगरपालिका, जल संस्थान और ऊर्जा निगम आते थे। बाद में परिषद से जुड़े विभाग अलग-अलग हो गए लेकिन यहां आवास पर कर्मचारियों का कब्जा बरकरार रहा।पिछले दिनों इनमें से एक आवास को ढहा कर पुनर्निर्माण शुरू कर दिया। इसकी भनक लगते ही यूपीसीएल व जल संस्थान हरकत में आया और प्रशासन को मामले से अवगत कराया। जांच में पता चला कि वर्ष 2022 में इस भूमि को फ्रीहोल्ड कराने के बाद बेच दिया गया है। मामले में प्रशासनिक सिस्टम पर भी सवालिया निशान लग रहे हैं।
ऐसे हुआ खुलासा
यूपीसीएल कार्यालय के पीछे पार्किंग बनी है। यहां कार आदि वाहन खड़े किए जाते हैं। निर्माण शुरू होने पर पार्किंग स्थल को जाने का रास्ता भी बंद हो गया। इस पर जांच कराई तो मामला खुला। इस जमीन पर जल संस्थान के एसई के आवास का रास्ता भी है। इस मामले के उजागर होने के बाद शहर में अन्य स्थानों पर भी फ्रीहोल्ड कराई जमीनें संदेह के दायरे में आ गई हैं।सरकारी भूमि पर निर्माण का पता चलते ही विकास प्राधिकरण और नगर आयुक्त को पत्र भेजा गया है। निर्माण की वजह से ऊर्जा निगम के पार्किंग स्थल पर जाने के लिए जगह नहीं बच रही है। – प्रदीप कुमार, अधिशासी अभियंता यूपीसीएल
जिस भूमि पर निर्माण किया जा रहा है वहां से मुख्य पेयजल लाइन भी जा रही है। काम शुरू करने से पहले संस्थान से कोई एनओसी नहीं ली गई है। इस संबंध में विकास प्राधिकरण और नगर निगम प्रशासन को पत्र भेज अवगत कराया गया है। – आरएस लोशाली, अधिशासी अभियंता जल संस्थान
मामला गंभीर है। इस संबंध में विभागीय अधिकारियों से जानकारी ली जा रही है। नियमानुसार कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। – ललित मोहन रयाल, जिलाधिकारी, नैनीताल







