Monday, April 20, 2026
spot_img
Homeउत्तराखण्डआज आदि केदारेश्वर भगवान को लगाया गया अन्नकूट भोग धाम के कपाट...

आज आदि केदारेश्वर भगवान को लगाया गया अन्नकूट भोग धाम के कपाट बंद होने की प्रक्रिया शुरू

बदरीनाथ धाम के कपाट बन्द होने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। धार्मिक प्रक्रिया वैदिक पंच पूजा के आज दूसरे दिन आदि केदारेश्वर मंदिर और आदि गुरु शंकराचार्य मंदिर के कपाट भी विधि-विधान से बंद कर दिए गए हैं। कपाट बंद होने से पहले आदि केदारेश्वर भगवान को अन्नकूट भोग लगाया गया।बदरीनाथ धाम के मुख्य पुजारी रावल अमरनाथ नंबूदरी द्वारा भगवान आदि केदारेश्वर को अन्नकूट (पके चावल) अर्पित किया। पूजा-अर्चना के साथ भगवान आदिकेदारेश्वर और नंदी पर चारों ओर से गरम चावल का लेपन किया गया। इस दौरान भगवान श्री आदि केदारेश्वर की विशेष पूजाएं की गई। अंत में शीतकाल के लिए श्री आदि केदारेश्वर मंदिर और आदि गुरु शंकराचार्य जी के मंदिर के कपाट बंद कर दिए।

कल बंद होगा खड़क पुस्तक पूजा और वेद ऋचाओं का वाचन
बदरीनाथ धाम के कपाट आगामी 17 नवंबर को शीतकाल के लिए बंद किए जाएंगे। कपाट बंद होने की प्रक्रिया 13 नवंबर से शुरू हो चुकी है। बीकेटीसी मीडिया प्रभारी डॉ. हरीश गौड़ ने बताया कि पंच पूजाओं के तहत 13 नवंबर से पहले दिन गणेश पूजा और उसी दिन शाम को गणेश मंदिर के कपाट बंद किए गए थे। आज दूसरे दिन आदि केदारेश्वर व शंकराचार्य मंदिर के कपाट बंद किए गए।।कल 15 नवंबर को खड़क पुस्तक पूजा और वेद ऋचाओं का वाचन बंद होगा। 16 नवंबर को मां लक्ष्मी को कढ़ाई भोग चढ़ाया जाएगा। 17 नवंबर रात नौ बजकर 07 मिनट पर बदरीनाथ धाम के कपाट बंद कर दिए जाएंगे।पंच पूजाएं रावल अमरनाथ नंबूदरी व धर्माधिकारी राधाकृष्ण थपलियाल, वेदपाठी रविंद्र भट्ट संपन्न करेंगे। 18 को कुबेर, उद्धव, आदि गुरु शंकराचार्य की गद्दी पांडुकेश्वर के लिए प्रस्थान करेगी। शीतकाल में कुबेर व उद्धव जी पांडुकेश्वर में प्रवास करेंगे। जबकि आदि गुरु शंकराचार्य की गद्दी 19 नवंबर को नृसिंह मंदिर ज्योतिर्मठ के लिए प्रस्थान करेगी। इसके बाद पांडुकेश्वर व ज्योतिर्मठ में शीतकालीन पूजाएं संपन्न होंगी।

spot_img
spot_img
spot_img
RELATED ARTICLES
- Advertisment -
Google search engine
https://bharatnews-live.com/wp-content/uploads/2025/10/2-5.jpg





Most Popular

Recent Comments