बीएचयू ने सत्र 2026 के लिए 121 स्वयं कोर्स की घोषणा कर दी है। डिजिटल ब्रांडिंग, मार्केटिंग, विज्ञान, इंजीनियरिंग से लेकर कानून और रक्षा अध्ययन तक हर कोर्स में नामांकन शुरू कर दिया है जो कि 28 फरवरी तक चलेगा। अभ्यर्थी स्वयं कोर्स के पोर्टल https://swayam.gov.in/INI के माध्यम से पंजीकरण करा सकते हैं। इसका पूरा नाम है 121 क्रेडिट के आईएनआई स्वयं कोर्स। जनवरी से अप्रैल तक पढ़ाई होगी।जनवरी 2026 के कैटलॉग में तीन प्रमुख विश्वविद्यालयों को एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लाया गया है। अब अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी एएमयू और राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय आरआरयू को भी शामिल कर लिया गया है। आईएनआई स्वयं कोर्स डोमेन के राष्ट्रीय समन्वयक के रूप में बीएचयू का पहला सेमेस्टर है। यह छात्रों को मदद, साप्ताहिक विश्लेषण और विश्वविद्यालय क्रेडिट भी देगा। इससे छात्रों को अकादमिक और व्यावसायिक दोनों तरह से लाभ मिल सकेगा।
26 जनवरी से भरे जाएंगे फॉर्म
बीएचयू में विज्ञान, इंजीनियरिंग, मैनेजमेंट, इलाज, शिक्षा, मानविकी, सामाजिक विज्ञान, कानून और अंतःविषय अध्ययन में 71 कोर्स में प्रवेश की शुरुआत 26 जनवरी से होगी और 16 फरवरी तक दाखिले होंगे। अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में अरबी से जूलॉजी तक 48 कोर्स की शुरुआत 26 जनवरी को होगी। राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय में रक्षा और सामरिक अध्ययन के साथ ही फॉरेंसिक अकाउंटिंग में दो कोर्स 26 जनवरी से शुरू हो रहे हैं।
डिजिटल मार्केटिंग और ब्रांडिंग की भी स्किल सीखेंगे
छात्रों को स्टार्टअप के लिए डिजिटल मार्केटिंग और ब्रांडिंग के साथ ही डिजिटल आंत्रप्रेन्योरशिप के लायक बनाया जाएगा। पहली बार कंपनी शुरू करने वालों के लिए आइडिया को जांच-परख कर उसके उत्पाद को बाजार तक पहुंचाने की स्किल सिखाई जाएगी। इसके लिए एईसी (एबिलिटी एनहांसमेंट कोर्स), एसईसी (स्किल एनहासमेंट कोर्स), वीएसी (वैल्यू ऐडेड कोर्स) और एमडी (मल्टी डिसीप्लनेरी कोर्स) पर ज्यादा जोर दिया गया है। इससे कोर्स की क्रेडिट मैपिंग में सहायता मिलेगी। कुछ कोर्स हिंदी या फिर अंग्रेजी और हिंदी दोनों भाषाओं में उपलब्ध हैं।
कुशल बनाने पर केंद्रित होंगे कोर्स
केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के आईएनआई-स्वयं के राष्ट्रीय समन्वयक डॉ. आशुतोष मोहन ने बताया कि कोर्स की लोगों तक पहुंच, समय के साथ बदलाव और गुणवत्ता के मामले में यह एक बड़ा कदम है। बीएचयू यह सुनिश्चित करेगा कि आईएनआई-स्वयं के कोर्स अंतरविषयक हों। छात्रों को कुशल बनाने पर केंद्रित हों और सभी इच्छुक छात्रों के लिए खुले हों।







