काशीपुर में आईटीआई थाना पुलिस ने मृतक सुखवंत सिंह के मामले में भाई की तहरीर पर छह महिला और राधे हरि डिग्री कॉलेज के पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष गुरप्रेम सिंह समेत 26 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।आईटीआई थाना क्षेत्र के ग्राम दक्षिणी पैगा निवासी परविंदर सिंह पुत्र तेजा सिंह ने सोमवार सुबह आईटीआई थाना पुलिस को तहरीर दी। बताया कि उन्होंने व उनके भाई सुखवंत ने बलवंत सिंह उर्फ काला व कुलवंत सिंह निवासी बक्सौरा कुंडा थाना से सात एकड़ जमीन खरीदी थी। इस दौरान बलवंत सिंह ने बताया कि उसने यह जमीन प्रॉपर्टी डीलर अमरजीत सिंह, आशीष चौहान उर्फ पटवारी व कुलविंदर सिंह को बेच रखी है जिनका कार्यालय बाजपुर रोड स्थित श्यामपुरम नहर के पास है। कहा कि आप लोग उनसे ही इसका सौदा कर लेना।तब उसने व उसके भाई सुखवंत सिंह ने अमरजीत सिंह, आशीष 1 चौहान उर्फ पटवारी व कुलविंदर सिंह से 34 लाख रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से 6.84 एकड़ जमीन खरीदी। इसमें उनको पचास लाख रुपये रजिस्ट्री वाले दिन देने की बात कही।
वह लोग तय समय पर रुपये लेकर रजिस्ट्री कराने पहुंचे लेकिन बलवंत सिंह उर्फ काला व उसके भाई ने कोई रजिस्ट्री नहीं कराई। उसके बाद कई चक्कर लगाए लेकिन वह लोग टालते रहे। बताया कि जब यह लोग टालने लगे तब वह सिंह पन्नू से मामले को सुलझाने के अपनी बात लेकर रिश्तेदार सुखवंत लिए कहा। तब उसने अमरजीत सिंह, आशीष चौहान उर्फ पटवारी व कुलविंदर सिंह के साथ मिलकर विमल कुमार के प्लाट का सौदा चार करोड़ पांच लाख रुपये में करा दिया।उसने और उसके भाई सुखवंत ने पीड़ित ने तहरीर में बताया कि जमीन खरीदने के लिए अमरजीत सिंह, आशीष चौहान उर्फ पटवारी व कुलविंदर सिंह के खाते में एक करोड़ दो लाख रुपये और नकद कुल दो करोड़ 80 लाख रुपये दिए थे।इन लोगों ने कुल तीन करोड़ 82 लाख रुपये धोखाधड़ी कर हड़प लिए। इसके बाद कई बार रजिस्ट्री कराने की बात कही लेकिन रजिस्ट्री नहीं कराई और न ही रुपये वापस किए। इस दौरान उन दोनों को मानसिक व शारीरिक रूप से परेशान किया गया। इससे परेशान होकर उसके भाई सुखवंत सिंह ने बीती 10 जनवरी की रात को हल्द्वानी स्थित देवभूमि होटल के कमरे में गोली मारकर आत्महत्या कर ली।







