चौदह बीघा के रामलीला मैदान में जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार कार्यक्रम में निराश्रित पशुओं की समस्या का सजीव नजारा देखने को मिला। जनता की समस्याओं का समाधान करने आए कर्मचारियों को खुद सांड़ों के चलते भागकर अपनी जान बचानी पड़ी। अधिकांश शिकायतें निराश्रित पशुओं को शिफ्ट करने, सीवर बहने, सड़कों के क्षतिग्रस्त होने से संबंधित थी। प्रात: करीब 11 बजे से शुरू हुए कार्यक्रम में लोग सड़कों पर घूम रहे निराश्रित गोवंश के संबंध में सीडीओ वरुणा अग्रवाल के समक्ष शिकायत कर रहे थे। इसी बीच कार्यक्रम स्थल पर निराश्रित गोवंश का समूह घुस गया। समूह में शामिल एक सांड़ यहां बने विभागीय स्टाल में घुस गया। कर्मचारियों ने भाग कर किसी तरह जान बचाई। इस दौरान वहां अफरा-तफरी का माहौल बन गया। रामलीला मैदान से सटे पुल पर सांड़ों का जमावड़ा लगा रहता है। स्थानीय लोग और सभासद सांड़ों को शिफ्ट करने की मांग कर चुके हैं, लेकिन पालिका प्रशासन चुप है।
ऊर्जा निगम के स्टॉल पर एसडीओ नरेंद्र नेगी ने उपभोक्ताओं को स्मार्ट मीटर के फायदे बताए। शिविर में उत्तराखंड क्रांति दल के नेता विकास रयाल ने गंगा में गिर रहे सीवर के नालों को टेप करने की मांग। उन्होंने कहा कि निराश्रित गोवंश के कारण कई बार दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। गोवंश के कारण आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। यूकेडी के जिलाध्यक्ष सुरेंद्र भंडारी ने चंद्रभागा नदी में खनन करवाने, चंद्रभागा नदी के किनारे खाली पड़ी जमीन पर पार्किंग विकसित करने की मांग की। वार्ड नंबर नौ में निर्माणाधीन पंचायत घर का निर्माण शुरू करवाने, पुस्तकालय के निर्माण की मांग की। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में क्षतिग्रस्त सड़कों के कारण हर रोज दोपहिया सवार गिर कर चोटिल हो रहे हैं। नगर पालिका प्रशासन गड्ढे भरने की बजाय स्पीड ब्रेकर लगाने पर जोर दे रही है। सड़क की सबसे बुरी हालत स्वामी विवेकानंद स्कूल के पास है। कार्यक्रम में मात्र 21 फरियादी पहुंचे। विभिन्न स्टाॅलों में 441 लोगों की ओर से प्रतिभाग किया गया। 146 लोगों ने स्वास्थ्य जांच कराई। शिविर में नगर पालिका परिषद मुनि की रेती ढालवाला अध्यक्ष नीलम बिजल्वाण, एसडीएम आशीष घिल्डियाल, डीएसओ मनोज डोभाल, ईओ अंकिता जोशी, विकास रयाल, एसडीओ नरेंद्र नेगी आदि उपस्थित रहे।
खाली रह गई कुर्सियां
शिविर में स्थानीय अधिकारियों की ओर से भीड़ आने की जानकारी दी गई। पूरा पंडाल सजाया गया। कुर्सियां भी खूब लगाई गई। नगर पालिका के किसी भी वार्ड में शिविर को लेकर मुनादी नहीं कराई गई। स्थिति यह थी पालिका क्षेत्र के लोगाें को शिविर की जानकारी नहीं मिल पाई, जिससे लोग शिविर में नहीं पहुंच पाए।







