प्लॉट दिलाने का झांसा देकर 41.60 लाख रुपये की ठगी के मामले में रायपुर थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई। शिकायतकर्ता महिला ने भूमि विवादों की जांच के लिए गठित एसआईटी से मामले की जांच कराने की मांग की है।नंद कॉलोनी नथुवावाला निवासी ललिता बडोनी ने अपनी शिकायत में बताया कि वर्ष 2023 में उसकी पहचान नथुवावाला के सुनील कोठारी से हुई थी। प्लॉट खरीदने की इच्छा जताने पर सुनील कोठारी ने नथुवावाला में एक प्लॉट होने की बात कही और उसकी कीमत 41.60 लाख रुपये बताई।महिला के अनुसार, परिजनों के साथ प्लॉट देखने के बाद 11 अक्तूबर 2023 को दोनों पक्षों के बीच एक विक्रय अनुबंध किया। इसमें बयाने के तौर पर पांच लाख रुपये दिए गए। इसके बाद तय समय के अनुसार महिला ने आरोपी को विभिन्न माध्यमों से पूरी धनराशि दे दी। इसमें 18.60 लाख रुपये चेक, तीन लाख रुपये आरटीजीएस और 15 लाख रुपये नकद दिए गए।
शिकायत के अनुसार छह मई 2024 को आरोपी महिला के घर पहुंचा और एक कथित विक्रय पत्र पर महिला व गवाहों के हस्ताक्षर करवा लिए। इसके बाद आरोपी ने कहा कि सभी लोग 10:30 बजे रजिस्ट्रार कार्यालय पहुंच जाएं, जहां वह भी आएगा। महिला और उसके परिजन जब रजिस्ट्रार कार्यालय पहुंचे तो आरोपी का फोन बंद मिला और वह वहां नहीं आया। अगले दिन संपर्क करने पर आरोपी ने बहाना बनाया कि भूमि की मूल स्वामिनी उपलब्ध नहीं थी, इसलिए रजिस्ट्री नहीं हो सकी। महिला का आरोप है कि कई महीने बीतने के बाद भी आरोपी रजिस्ट्री कराने में टालमटोल करता रहा। जब पैसे वापस करने का दबाव बनाया गया तो आरोपी ने कुछ चेक दिए, लेकिन बैंक में प्रस्तुत करने पर सभी चेक बाउंस हो गए। इसके बाद आरोपी ने पैसे वापस करने और रजिस्ट्री कराने से मना कर दिया। रायपुर थाना प्रभारी गिरिश नेगी ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है।







