परमार्थ निकेतन में 9 से 15 मार्च तक प्रस्तावित अंतरराष्ट्रीय योग महोत्सव की तैयारियां शुरू हो गई हैं। विभिन्न देशों से आए योग साधक और आध्यात्मिक जिज्ञासु गंगा तट पर योग, ध्यान, प्राणायाम, सत्संग और गंगा आरती में शामिल होकर अद्भुत आध्यात्मिक अनुभव प्राप्त कर रहे हैं।परमार्थ निकेतन में अमेरिका, यूरोप, दक्षिण अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, ब्रिटेन, कनाडा, इटली समेत एशिया के अनेक देशों से आए योग साधक यहां भारतीय योग परंपरा की गहराई और उसकी आध्यात्मिकता को अनुभव करते हैं। आश्रम के अध्यक्ष स्वामी चिदानंद सरस्वती ने कहा कि योग केवल शरीर को स्वस्थ रखने की विधि नहीं बल्कि जीवन को संतुलित और सामंजस्यपूर्ण बनाने का मार्ग है।
योग हमें अपने भीतर झांकने की प्रेरणा देता है। जब हम योग के माध्यम से स्वयं से जुड़ते हैं, तब हम संपूर्ण सृष्टि से भी जुड़ जाते हैं। महोत्सव इसी वैश्विक एकता और आंतरिक शांति का संदेश देने का एक दिव्य अवसर है। महोत्सव के लिए आश्रम में तैयारियां तेजी से चल रही है।विश्व के प्रमुख योगाचार्य, आध्यात्मिक मार्गदर्शक और योग साधक इस महोत्सव में सहभाग करने के लिए पहुंच रहे हैं। यह महोत्सव योग, ध्यान, आयुर्वेद, आध्यात्मिक संवाद और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से विश्व को भारतीय योग परंपरा की गहराई का अनुभव कराएगा।







