काशीपुर। न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वितीय अपर सिविल जज (जूडि) की अदालत ने सात वर्ष पुराने आर्म्स एक्ट के मामले के आरोपी को साक्ष्य के अभाव में दोष मुक्त कर दिया।मोहल्ला वाल्मीकि बस्ती निवासी आलोक पुत्र स्व. रामगोपाल के खिलाफ दरोगा मुकेश मिश्रा ने 1 मई 2019 को कोतवाली में आर्म्स एक्ट की धारा 3/25 के तहत प्राथमिकी दर्ज कर जांच की थी। विवेचना के बाद पुलिस ने 23 दिसंबर 2019 को आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। मामला न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वितीय अपर सिविल जज (जूनियर डिवीजन) की अदालत में विचाराधीन रहा।दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद अदालत ने 6 मार्च 2026 को फैसला सुनाते हुए कहा कि अभियोजन पक्ष आरोपी के खिलाफ ठोस साक्ष्य प्रस्तुत करने में असफल रहा है। न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वितीय अपर सिविल जज (जूडि) आयशा फरहीन ने साक्ष्यों के अभाव में आरोपी को दोष मुक्त कर बरी कर दिया।
साक्ष्य के अभाव में सात वर्ष पुराने आर्म्स एक्ट का आरोपी दोषमुक्त
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