रुड़की: हरिद्वार जिले के रुड़की में स्थित एक निजी अस्पताल में एनएसजी कमांडो धनप्रकाश की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले में सीएमओ ने तीन सदस्यीय जांच कमेटी गठित कर दी है. इससे पहले एनएसजी कमांडो की मौत के बाद परिजनों ने अस्पताल पर लापरवाही का आरोप लगाया था. हालांकि, पोस्टमार्टम के दौरान भी मोर्चरी के बाहर जमकर हंगामा हुआ, लेकिन पुलिस के आश्वासन के बाद मामला शांत हुआ, जिसके बाद पोस्टमार्टम की कार्रवाई हुई.मोहनपुरा गांव के रहने वाले थे NSG कमांडो धनप्रकाश: बता दें कि एनएसजी यानी नेशनल सिक्योरिटी गार्ड कमांडो धनप्रकाश (उम्र 37 वर्ष) निवासी सिविल लाइन कोतवाली रुड़की क्षेत्र के मोहनपुरा गांव के निवासी थे. धनप्रकाश की तैनाती पश्चिम बंगाल में थी और वो दो दिन पहले ही छुट्टी लेकर घर आए थे.रोडवेज बस की चपेट में आकर हुए थे घायल: बीती 22 मार्च रविवार के दिन अपनी बाइक से भगवानपुर में किसी रिश्तेदार के पास कार्यक्रम में शामिल होने के लिए जा रहे थे, जैसे ही वो सालियर गांव के पास पहुंचे तो इसी दौरान उत्तराखंड परिवहन निगम की एक बस ने उन्हें साइड से मार दी और इस हादसे में वो घायल हो गए.
निजी अस्पताल में गई जान: हादसा होने के बाद बस चालक मौके से फरार हो गया, जिसके बाद घायल कमांडो को परिजनों ने रुड़की के चावमंडी तिराहे के पास स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया. आरोप है कि काफी देर तक डॉक्टर जांच के लिए नहीं पहुंचे और एक कर्मचारी ने उन्हें इंजेक्शन लगा दिया, जिसके कुछ देर बाद ही कमांडो की मौत हो गई.आक्रोशित परिजनों ने किया हंगामा: कमांडो की मौत के बाद आक्रोशित परिजनों ने नर्सिंग होम में हंगामा शुरू कर दिया और अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाया. रात करीब एक बजे तक चले इस हंगामे के बीच मौके पर पहुंचे सीएमओ ने मामले में जांच के आदेश दिए. जिसके बाद मामला शांत हुआ. इसके बाद पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए रुड़की के सरकारी अस्पताल भिजवा दिया.
बस चालक और नर्सिंग होम प्रबंधन के खिलाफ तहरीर: सोमवार यानी 23 मार्च को मृतक के पिता रामगोपाल ने बस चालक और नर्सिंग होम प्रबंधन के खिलाफ पुलिस को तहरीर देकर कानूनी कार्रवाई करने की मांग की. पुलिस अब इस मामले में मुकदमा दर्ज करने की तैयारी कर रही है. वहीं, पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव को परिजनों को सौंप दिया है. हालांकि, शाम के समय अस्पताल बंद मिला.3 सदस्यीय टीम करेगी जांच: उधर, पुलिस और स्वास्थ्य विभाग ने अस्पताल में ताला लगाने से इनकार किया है. एहतियात के तौर पर मौके पर पुलिस बल और दमकल की गाड़ी तैनात की गई है. इस मामले को गंभीरता से लेते हुए हरिद्वार सीएमओ आरके सिंह ने जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम गठित कर दी है.पूरे मामले की जांच पड़ताल की जा रही है. पोस्टमार्टम के बाद शव को परिजनों को सौंप दिया गया है. तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज करने की तैयारी की जा रही है.”– शेखर चंद्र सुयाल, एसपी देहात







