देहरादून में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे बापूग्राम बचाओ संघर्ष समिति के सदस्यों को प्रशासन और पुलिस ने बीच रास्ते में ही रोक दिया। इस कार्रवाई से नाराज प्रदर्शनकारियों की पुलिस के साथ तीखी नोकझोंक हुई, जिसके बाद आक्रोशित लोगों ने आईडीपीएल सिटी गेट के बाहर हरिद्वार राजमार्ग पर चक्का जाम कर दिया।प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस प्रशासन के पसीने छूटे गए। घटना स्थल पर पहुंचे तहसीलदार प्रदीप नेगी और कोतवाली प्रभारी केसी भट्ट ने प्रदर्शनकारियों से वार्ता कर उन्हें शांत कराया। कई घंटों की मशक्कत के बाद जाम खुलवाया गया और यातायात सामान्य हुआ।बापूग्राम को राजस्व ग्राम का दर्जा देने की मांग को लेकर बापूग्राम बचाओ संघर्ष समिति के बैनर तले बापूग्राम, मीरानगर, बीसबीघा, गीतानगर, नंदुफार्म, गुमानीवाला समेत विभिन्न क्षेत्र के लोगों का धरना जारी रहा।
मंगलवार को प्रधानमंत्री तक क्षेत्र की समस्या को पहुंचाने के लिए बापूग्राम से प्रदर्शनकारी देहरादून के लिए रवाना हुए। सिटी गेट के समीप पुलिस बल और स्थानीय प्रशासन ने प्रदर्शनकारियों को रोक दिया। प्रदर्शन के दौरान महिलाओं, बुजुर्गों और युवाओं समेत विभिन्न सामाजिक संगठनों के लोगों में भारी आक्रोश देखने को मिला। लोगों ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के एक आदेश के बाद क्षेत्र के लोगों में भय और असमंजस की स्थिति बनी हुई है।लोगों को आशंका है कि उनकी जमीन और आवास प्रभावित हो सकते हैं। इसी मांग को लेकर संघर्ष समिति लगातार आंदोलन कर रही है और सरकार से स्पष्ट समाधान की मांग कर रही है।स्थिति उस समय तनावपूर्ण हो गई जब बापूग्राम मार्ग पर पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर प्रदर्शनकारियों को रोकने का प्रयास किया। गुस्साए लोगों ने बैरिकेडिंग हटाकर आगे बढ़ने की कोशिश की।प्रदर्शन करने वालों में राजपाल खरोला, जयेंद्र रमोला, सुधीर राय, शूरवीर सिंह सजवाण, मुस्कान चौधरी, हिमांशु कश्यप, दिनेश व्यास, आशुतोष शर्मा, अविनाश आदि शामिल रहे।







