बाजपुर में जनजाति समाज की जमीन के मामले में गदरपुर विधायक अपने बेटे सहित अन्य कार्यकर्ताओं के साथ तहसीलदार से मिले। विधायक ने मंडलायुक्त के आदेश का अनुपालन नहीं होने पर नाराजगी जताते हुए खतौनी जारी करने का अनुरोध किया। इस पर तहसील प्रशासन ने मंडलायुक्त के आदेश को दर्ज कर दस्तावेज की प्रति जारी की। दो दिन पहले गूलरभोज नगर पंचायत अध्यक्ष सतीश चुग ने जनजाति समुदाय की नन्नी देवी, संजू, मंगल सिंह ने गदरपुर विधायक अरविंद पांडे के बेटे अतुल पांडे पर जमीन नाम कराने का आरोप लगाते हुए एसडीएम कार्यालय परिसर में धरना दिया था। आरोप था कि विधायक के बेटे ने कथित तौर पर साक्ष्यों में गड़बड़ी कर जमीन को वर्ग 1 क में दर्ज कराकर अपने नाम करवा लिया। जमीन का वाद मंडलायुक्त न्यायालय में चला।
वर्ष 2023 में कमिश्नर की ओर से एकतरफा जनजाति जाति समाज के पीड़ित के पक्ष में आदेश दिया लेकिन आदेश का अनुपालन नहीं हो रहा था। बुधवार दोपहर विधायक अरविन्द पाण्डेय अपने बेटे अतुल पांडे सहित अन्य कार्यकर्ताओं के साथ तहसीलदार प्रताप सिंह चौहान के कार्यालय पहुंचे। विधायक ने कमिश्नर के आदेशों के अनुपालन में नहीं होने पर नाराजगी जताई। विधायक घंटेभर तहसील दफ्तर में बैठे रहे। तहसील प्रशासन ने मंडलायुक्त के आदेश को अंकित करते हुए दस्तावेज की एक प्रति जारी कर विधायक पांडे को दी। विधायक अरविन्द पाण्डेय ने कहा कि चुनाव नजदीक है। उनके राजनीतिक विरोधी तरह-तरह के प्रपंच रचकर उनकी छवि को धूमिल करना चाहते है। कहा कि वे किसी के साथ अन्याय नहीं चाहते। एसडीएम डाॅ. अमृता शर्मा ने बताया कि उक्त प्रकरण में नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है।







