Friday, April 17, 2026
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चार विद्यार्थियों ने बारहवीं व दो ने दसवीं में स्थान बनाया चार विद्यार्थियों ने बारहवीं व दो ने दसवीं में स्थान बनाया

मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल (एमपी बोर्ड) की 10वीं व 12वीं की परीक्षाओं में रतलाम जिले के विद्यार्थियों ने शानदार प्रर्दशन कर सफलता का परचम लहराया। जिले के दो विद्यार्थियों ने दसवीं और चार ने बारहवीं परीक्षा की प्रदेश मैरिट में स्थान पाकर रतलाम का नाम रोशन कर दिया। वहीं दसवीं के एक विद्यार्थी ने जिले की मैरिट में स्थान बनाया है।मुख्यमंत्री मोहन यादव द्वारा बुधवार को मध्यप्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल की दसवीं व बारहवीं का परीक्षा परिणाम घोषित करने के साथ ही मैरिट में स्थान पाने वाले विद्यार्थियों, उनके परिजन व शिक्षक-शिक्षिकाओं में खुशी की लहर दौड़ गई। दसवीं व बारहवीं की प्रदेश मैरिट में रतलाम जिले के छह विद्यार्थियों ने स्थान बनाया। ग्राम रियावन के शासकीय उमावि की छात्रा सरस्वती पिता घनश्याम खारोल निवासी ग्राम चिपिया और ग्राम धामनोद के शासकीय उमावि के छात्रा आयुष पाटीदार पिता मुकेश पाटीदार निवासी ग्राम हतनारा ने 491-491 नंबर अर्जित कर नौवां स्थान बनाया। दोनों ग्रामीण क्षेत्र व मध्यम परिवार से आते हैं। वहीं बारहवीं की मैरिट में रतलाम शहर की छात्रा सृष्टि सिलावट पिता अश्विनी सिलावट ने वाणिज्य समूह में 488 नंबर अर्जित कर तीसरा, रतलाम शहर की छात्रा मनस्वी गोयल पिता विशाल गोयल ने गणित समूह में 488 नंबर पाकर पांचवां, अस्सीफीट रोड रतलाम की छात्रा अक्षिता पालीवाल पिता आनंद पालीवाल ने वाणिज्य समूह में 481 प्रतिशत अंक प्राप्त कर दसवां और कालूखेड़ा की छात्रा नीलोफर शेख पिता स्वर्गीय इलियास शेख निवासी ग्राम कालूखेड़ा ने विज्ञान-गणित समूह में 483 अंक प्राप्त कर दसवां स्थान प्राप्त किया। वहीं रतलाम शहर की दसवीं की कक्षा के छात्र लव चौहान पिता दुष्यंत चौहान ने 484 अंक प्राप्त कर जिले की मैरिट में तीसरा स्थान प्राप्त किया।

अक्षिता को डांसिंग का शौक तो लव चौहान बनना चाहते हैं सॉफ्टवेयर इंजीनियर
छात्रा अक्षिता पालीवाल के बारहवीं की स्टेट मैरिट में आने व छात्र लव चौहान के दसवीं की जिला मैरिट में आने की खबर से स्कूल व घर पर खुशी छा गई। परिजन ने घरों पर मिठाई खिलाकर खुशी का इजहार किया। अक्षिता पालीवाल ने दूरभाष पर अमर उजाला को बताया कि वह घर पर तीन से चार घंटे प्रतिदिन पढ़ाई करती थीं। मुझे डांसिंग व बेकिंग का शौक है। पिता की बर्तन की दुकान है। मुझे 90 प्रतिशत से अधिक अंक आने की उम्मीद थी लेकिन मैरिट में आने की नहीं। मैरिट में आने से बहुत खुशी हो रही है। आगे क्या करना है अभी सोचा नहीं है। आग बेसिक पढ़ाई करना है और नई चीजों की जानकारी प्राप्त करूंगी। वहीं दसवीं की जिला मैरिट में आने वाले लव चौहान ने बताया कि वह प्रतिदन तीन घंटे पढ़ाई करता था। उसका सपना सॉफ्टवेयर इंजीयनर बनना है तथा उसे पेंटिंग का शौक है। पिता ग्राफिक डिजाइनर हैं, उनकी इजिप्ट घूमने की इच्छा है। वह सॉफ्टवेयर इंजीनियर बनकर खूब रुपया कमाना चाहता है ताकि पिता को इजिप्ट घुमा सकूं।

चार्टर्ड एकाउंटटेंट बनना चाहती हैं नीलोफर शेख
बारहवीं की प्रदेश मैरिट में दसवां स्थान प्राप्त करने वाली नीलोफर शेख निवासी कालूखेड़ा ने अमर उजाला को दूरभाष पर बताया कि वह स्कूल के अलावा प्रतिदिन घर पर तीन से साढ़े तीन घंटे पढ़ाई करती थी। उसे पूरी उम्मीद थी कि वह मैरिट में आएंगी। वह तीन-चार वर्ष की थी तभी पिता का निधन हो गया था। वह सात भाई-बहनों में सबसे छोटी है। उसका एक भाई है, जो जावरा के एक स्कूल में कम्प्यूटर टीचर है। चार बहनों की शादी हो चुकी है, एक बहन भी कम्प्टूयर टीचर है। भाई-बहने भी उसे पढ़ाते है। उसे संगीत का शौक है और वह चार्टर्ड एकाउंटटेंट बनना चाहती है।

सरस्वती खारोल का सपना कलेक्टर बनना
दसवीं की मैरिट में नौंवा स्थान प्राप्त करने वाली छात्रा सरस्वती खारोल निवासी ग्राम चिपिया मध्यम परिवार से आती है। गांव में पिता की छोटी सी टेरलिंग की दुकान है। वह परिवार की इकलौती बेटी है। सरस्वती के मैरिट में आने की खबर से स्कूल व गांव में खुशी की लहर दौड़ गई। उसे स्कूल में बुलाया गया, जहां स्कूल के प्राचार्य व पूर्व डीपीसी मोहनलाल सांसरी, शिक्षक-शिक्षिकाओं व अन्य विद्यार्थियों ने उसे मिठाई खिलाई और उसका जोरदार स्वागत कर खुशी का इजहार किया। प्राचार्य मोहनलाल सांसरी ने बताया कि छात्रा सरस्वती ने अपनी मेहनत, लगन तथा शिक्षकों के मार्गदर्शन से प्रदेश की मैरिट में स्थान बनाकर गांव व स्कूल का नाम रोशन कर दिया है। वहीं छात्रा सरस्वती ने दूरभार पर चर्चा करते हुए अमर उजाला को बताया कि उसे पेंटिंग और पढ़ने में रुचि है। वह यूपीएससी में सफलता अर्जित कर कलेक्टर बनाना चाहती है, ताकि ज्यादा से ज्यादा समाजसेवा कर सके। वह तीन से चार घंटे प्रतिदन पढ़ाई करती थी। उसका स्कूल अपने गांव से तीन किलोमीटर हैं, पापा प्रतिदिन स्कूल छोड़ने व लेने आते हैं। पापा चाहते है कि वह खूब पढ़े। पाप-मम्मी उसे पढ़ाई में पूरा सहयोग करते हैं।

डॉक्टर बनना चाहता है आयुष पाटीदार
दसवीं की मैरिट में नौवां स्थान प्राप्त करने वाले आयुष पाटीदार निवासी ग्राम हतनारा के पिता खेती करते हैं। वह अपने गांव से करीब 20 किलोमीटर दूर स्थित ग्राम धामनोद में अपने मामा रवि पटेल के यहां रहकर पढ़ाई कर रहा है। रवि पटेल ने बताया कि आयुष बचपन से ही पढ़ने में होशियार है। आयुष ने बताया कि वह आगे जाकर डॉक्टर बनना चाहता है ताकि लोगों की सेवा करे सकें। उसे डिबेट काम्पीटिशन में भाग लेने और संगीत का शौक है।

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