देहरादून नगर निगम की बोर्ड बैठक में बृहस्पतिवार को कई ऐतिहासिक फैसलों पर सदन ने मुहर लगाई। बैठक के दौरान लगातार दूसरे दिन पार्षदों ने 25 हजार रुपये भत्ते तय करने का मुद्दा रखा। सदन के एकमत होने की वजह से मेयर सौरभ थपलियाल को इसे पास करना पड़ा। बोर्ड का दूसरा अहम फैसला देहरादून में सफाई कर्मचारियों की संख्या बढ़ाने का रहा। कर्मचारियों की कमी से जूझ रहे नगर निगम में अब 715 सफाई कर्मचारी बढ़ाए जाएंगे।नगर निगम बोर्ड की बैठक दूसरे दिन भी 11.10 बजे राष्ट्रगान के साथ शुरू हुई। चर्चा के दौरान कांग्रेस पार्षद रॉबिन त्यागी ने कहा कि दून में बारिश आती है तो कभी नाली टूट जाती है तो कभी कुछ। इसके बाद आपात स्थिति में वार्ड में काम कराना पड़ता है।ऐसे में व्यवस्था की जाए कि पार्षद कोटेशन के माध्यम से 10 लाख रुपये तक के काम करा सकते हैं। इसमें एकबार में अधिकतम खर्च की सीमा 50 हजार रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए। इस पर भी सदन एकमत नजर आया और बोर्ड ने प्रस्ताव को स्वीकृति दे दी।
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बैठक के दौरान भाजपा और कांग्रेस पार्षदों के बीच दूसरे दिन भी कहासुनी हुई। सुबह 11 बजे से शुरू हुई यह बैठक करीब देर शाम सात बजे शनिवार तक के लिए स्थगित कर दी गई। इस दौरान कहासुनी के बीच करीब 22 प्रस्तावों के 144 बिंदुओं पर चर्चा हुई। बैठक में पार्षद भूपेंद्र कठैत, सतीश कश्यप, अंकित अग्रवाल, सोहन सिंह रौतेला, पूजा नेगी, मुकीम अहमद, संगीता गुप्ता, अभिषेक तिवारी, रॉबिन त्यागी, अभिषेक पंत आदि ने अपने-अपने मुद्दों को सदन में रखा।
हर वार्ड के हिस्से में आ सकते हैं 30-30 सफाईकर्मी
नगर निगम में इस समय करीब 2400 सफाईकर्मी हैं। इन सफाई कर्मियों के साथ-साथ बृहस्पतिवार को 715 सफाईकर्मियों को बढ़ाने का रास्ता साफ हो गया। बैठक में पार्षदों ने पूछा इन पर्यावरण मित्रों का वितरण किस तरह किया जाएगा। इस पर नगर आयुक्त ने बताया कि नियमानुसार पर्यावरण मित्रों को बढ़ाया जाएगा। फिर नगर निगम में वार्ड अनुसार करीब 30-30 पर्यावरण मित्र सब वार्ड में आएंगे। पार्षद भूपेंद्र कठैत और सतीश कश्यप, रॉबिन त्यागी ने इस प्रस्ताव को प्रमुखता से उठाया था।
भत्ते संबंधी प्रस्ताव पास होने पर पार्षदों ने किया खुशी का इजहार
पार्षदों को 25 हजार रुपये भत्ते के रूप में दिए जाने से पहले इस मसले पर वित्त विभाग से भी चर्चा की गई। विधायक उमेश शर्मा काऊ ने इसमें वित्त विभाग से कहा कि नियमानुसार इसको किस तरह लागू किया जा सकता है यह बताया जाए। इसके बाद सीएफओ भरत चंद्रा ने अपनी बात रखनी शुरू की तो पार्षदों ने विरोध करना शुरू कर दिया। बाद में एक्ट पढ़कर सुनाया गया कि पार्षदों को नियमानुसार भत्ता दिया जा सकता है। मेयर ने जैसे ही प्रस्ताव को पास किया तो सदन में जय जयकार कर पार्षदों ने खुशी व्यक्त की। इस पर विधायक उमेश शर्मा काऊ ने कहा कि मेरी मौजूदगी में यह पास हो गया था जो खुशी की बात है।







