प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के देशवासियों से एक साल तक सोना खरीदने से परहेज करने की अपील के विरोध में ऋषिकेश ज्वेलर्स एसोसिएशन ने प्रदर्शन किया। एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने भरत मंदिर झंडा चौक पर एकत्रित होकर अपनी नाराजगी जताई। व्यापारियों का कहना है कि प्रधानमंत्री के इस बयान के बाद देशभर में ज्वेलरी की बिक्री में 70 से 80 फीसदी की गिरावट आई है।एसोसिएशन के कोषाध्यक्ष विशाल तायल ने कहा कि पिछले दो वर्षों से सोने के बढ़ते दामों के कारण ज्वेलरी क्षेत्र आर्थिक संकट से जूझ रहा है। कारोबार में लगातार गिरावट से कई दुकानदारों का व्यापार प्रभावित हुआ है। वहीं बड़ी संख्या में कारीगर और कर्मचारी बेरोजगार हो चुके हैं। तायल ने कहा कि ऐसे समय में जब क्षेत्र को राहत की जरूरत है, प्रधानमंत्री की यह अपील ज्वेलरी कारोबार पर सीधा नकारात्मक असर डाल रही है। भारत की अर्थव्यवस्था में ज्वेलरी क्षेत्र का महत्वपूर्ण योगदान है और इस क्षेत्र से लाखों दुकानदार, कर्मचारी और कारीगरों का जीवनयापन जुड़ा हुआ है। यदि सोने की खरीद पर इस तरह की अपील जारी रहती है, तो आने वाले समय में दुकानें और फैक्ट्रियां बंद होने का खतरा बढ़ सकता है।
तायल ने कहा कि प्रधानमंत्री के बयान के महज तीन दिनों के भीतर ही देशभर में ज्वेलरी की बिक्री में 70 से 80 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है। सोने के बढ़ते दामों ने कारोबार को प्रभावित किया है, जिसके परिणामस्वरूप बड़ी संख्या में कारीगर और कर्मचारी बेरोजगार हो गए हैं।एसोसिएशन ने सरकार से इस विषय पर सभी संबंधित पक्षों से विचार-विमर्श करने और ज्वेलरी क्षेत्र को राहत देने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है। व्यापारियों ने प्रधानमंत्री से यह भी स्पष्ट करने की अपील की है कि इस फैसले से प्रभावित होने वाले लोगों के लिए सरकार की क्या योजना है। एसोसिएशन ने चेतावनी दी कि यदि सर्राफा व्यापारियों को राहत नहीं मिली तो वे दुकानें बंद कर आंदोलन करने को बाध्य होंगे। इस अवसर पर अध्यक्ष यशपाल पंवार, उपाध्यक्ष हितेंद्र पंवार, सचिव राजीव अरोड़ा, विवेक वर्मा, रवि अग्रवाल, केशव, तेजपाल, संजय पंवार, नारायण कक्कर, अक्षत जैन आदि मौजूद रहे।







