मैनपुरी के बिछवां थाना क्षेत्र के गांव देवगंज में बुधवार को टीकाकरण अभियान में वैक्सीन लगवाने के बाद 10 माह के मासूम की हालत बिगड़ गई। तीन घंटे बाद मासूम की मौत हो गई। मासूम की मौत के बाद परिजन ने आशा और एएनएम पर लापरवाही का आरोप लगाया है। मामले की जानकारी होने के बाद सीएमओ ने जांच के आदेश दिए हैं।गांव देवगंज निवासी अरविंद कुमार बहेलिया के 10 माह के इकलौते पुत्र आरव को जन्म लेने के बाद कोई टीका नहीं लगा था। 10 माह का होने के बाद आशा आरती चौहान, एएनएम नीतू सिंह बुधवार को अरविंद कुमार के घर पहुंची। यहां बच्चे का टीका लगवाने के लिए प्रेरित किया। अरविंद और उनकी पत्नी शिवानी ने टीका लगवाने से मना किया। लेकिन जब आशा और एएनएम ने आश्वासन दिया कि बच्चे को कुछ नहीं होगा, सभी बच्चों का टीकाकरण होना है, आपके बच्चे को भी टीका लगेगा। इसके बाद पत्नी शिवानी ने प्राथमिक विद्यालय पर लगे शिविर में पहुंचकर बच्चे को वैक्सीन लगवाई। अरविंद का आरोप है कि वहां से निकलते ही उनके मासूम बच्चे को उल्टियां शुरू हो गईं। काफी देर तक घरेलू उपचार हुआ। परिजनों को ऐसा लगा कि गर्मी के कारण ऐसा हो सकता है। लेकिन उसकी तबीयत बिगड़ती गई।
आशा और एएनएम को इस बात की सूचना दी गई। उन्होंने कहा कि वैक्सीन लगने के बाद और कोई इंजेक्शन नहीं लगेगा और कोई दवाई नहीं दी जाएगी। उनकी बातों पर भरोसा किया तो बच्चे की तबीयत बिगड़ती गई और उसकी मौत हो गई। 10 माह के बच्चे की मौत के बाद परिवार में शोक की लहर दौड़ गई। अरविंद ने स्वास्थ्य विभाग के उच्चाधिकारियों से मामले की शिकायत कर जांच की मांग की है।चिकित्साधीक्षक सुल्तानगंज डॉक्टर पपेंद्र कुमार ने बताया की वैक्सीनेशन से खतरा नहीं हो सकता। जिस वॉयल से आरव को टीका लगा है उसी से चार और बच्चों को भी टीका लगाया गया है, बाकी सभी सुरक्षित हैं। मौत का कारण कुछ और हो सकता है।मामले की जानकारी प्राप्त हुई है। शुक्रवार को डब्लूएचओ की टीम को मौके पर भेजकर जांच कराई जाएगी। वैसे वैक्सीनेशन से मौत का खतरा नहीं होता। -डॉ. आरसी गुप्ता, सीएमओ







