उत्तरकाशी। वसंत पंचमी पर गंगोत्री-यमुनोत्री धाम सहित हर्षिल घाटी, चौरंगी, गीठ पट्टी सहित मोरी और जिला मुख्यालय के आसपास ऊंचाई वाले गांव में अच्छी बर्फबारी देखने को मिली। साथ ही निचले इलाकों में शुक्रवार दिनभर बारिश होने के कारण तापमान में भारी गिरावट देखने को मिला। बर्फबारी और बारिश से काश्तकारों के चेहरे खिल उठे हैं तो वहीं विशेषज्ञों ने इसे खेती के दृष्टिकोण से उपयोगी बताया है। शुक्रवार सुबह से ही गंगोत्री और यमुनोत्री धाम सहित जनपद के हर्षिल घाटी, गीठ पट्टी सहित नौगांव के स्योरी फल पट्टी, मोरी और पुरोला के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी जारी है। निचले इलाकों में मूसलाधार बारिश के कारण ठंड बढ़ गई है। देर शाम तक गंगोत्री यमुनोत्री धाम में करीब डेढ़ फीट और अन्य क्षेत्रों में करीब एक फीट तक बर्फ जम गई है।
बर्फबारी के कारण गंगोत्री हाईवे गंगनानी सहित धरासू-फूलचट्टी यमुनोत्री हाईवे, उत्तरकाशी लंबगांव सड़क, मोरी-जखोल सड़क बंद हो गई है। इसके साथ ही गंगा घाटी में मनेरी से गंगोत्री और बड़कोट सहित यमुना घाटी में विद्युत सप्लाई बंद है। दूसरी ओर बर्फबारी काश्तकारों के लिए राहत बनकर आई है। कृषि विज्ञान केंद्र चिन्यालीसौड़ के प्रभारी अधिकारी डॉ. कमल कुमार पांडे ने कहा कि इस वर्ष बर्फबारी और बारिश देरी से हुई है लेकिन अभी अधिक देर नहीं हुई है। क्योंकि उद्यान से संबंधित पेड़-पौधों पर अभी कलियां नहीं आई है। इसलिए यह उद्यान और अन्य खेती के लिए बहुत ही उपयोगी है।







