अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय परिसर में शिक्षक राव दानिश हत्याकांड में शामिल हिस्ट्रीशीटर शूटर भाइयों जुबैर, यासिर व फहद की तलाश में जिला पुलिस के साथ-साथ अब एसटीएफ भी लग गई है। कुछ ऐसे पुराने पुलिसकर्मियों से भी इनपुट जुटाया जा रहा है, जो पूर्व में अलीगढ़ में रहे हैं।अमीर निशा सिविल लाइंस के राव दानिश अली की 24 दिसंबर की देर शाम एएमयू लाइब्रेरी कैंटीन परिसर में गोली मारकर हत्या की गई थी। इसके खुलासे में दिल्ली के ओखला इलाके में रह रहे मूल रूप से बरला नौशा के हिस्ट्रीशीटर शूटर भाइयों यासिर, फहद व जुबैर की भूमिका सामने आई।
जांच में उजागर हुआ कि 2018 में शाहबेज नाम के युवक की हत्या के बाद जुबैर को दानिश पर मुखबिरी का शक था। सात वर्ष जेल रहने के बाद पिछले वर्ष जुलाई में ही जुबैर जेल से बाहर आया है। इसी खुन्नस में उसने साजिश रचकर अपने भाइयों यासिर व फहद से ये हत्या कराई।पुलिस तीनों भाइयों की धरपकड़ के प्रयास में लगी है। इन पर इनाम के साथ-साथ इनके खिलाफ वारंट भी ले लिए गए हैं। इनकी लोकेशन लगातार दिल्ली के जामिया व बटला इलाके में आ रही है। इनाम के बाद से एसटीएफ सक्रिय हो गई है। तीनों की धरपकड़ के लिए पुलिस के साथ साथ एसटीएफ की टीम भी एड़ी चोटी का जोर लगाए हुए है। सीओ तृतीय सर्वम सिंह का कहना है कि प्रयास जारी है।







