आगरा में साली की धारदार हथियार से हत्या करने के मामले में छह साल बाद फास्ट ट्रैक कोर्ट-1 यशवंत कुमार सरोज ने जीजा और उसके मौसेरे भाई को दोषी पाते हुए उम्रकैद के साथ 25-25 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है। साक्ष्य के अभाव में दुष्कर्म के आरोप से दोषमुक्त कर दिया।थाना खंदौली में दर्ज प्राथमिकी के अनुसार थाना क्षेत्र के पंजा मदरसा निवासी मृतका की बहन ने तहरीर देकर आरोप लगाया था कि उनकी छोटी बहन मूकबधिर थी। 26 जून 2019 की शाम वह अपनी बहन को लेकर घरेलू सामान खरीदने बेलनगंज गई थीं। लौटते समय घर के पास पति कमल निवासी थाना खंदौली क्षेत्र के गांव नंदलालपुर और एत्माद्दौला थाना क्षेत्र के नरायच का निवासी उसका मौसेरा भाई मनीष मिल गए। पीड़िता को धक्का देकर जमीन पर गिरा दिया। बहन को अपने साथ गांव नंदलालपुर ले गए। उसे बंधक बनाकर उसके साथ दुष्कर्म किया। विरोध पर जान से मारने की नीयत से हमला कर दिया। गंभीर हालत में उसे एसएन इमरजेंसी में भर्ती कराया। जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मुकदमे में अभियोजन पक्ष की तरफ से पीड़िता, डॉक्टर सहित 7 गवाह अदालत में पेश किए गए। पीड़िता की गवाही और मेडिकल रिपोर्ट दोषियों सजा दिलाने में अहम साक्ष्य साबित हुए।
मूकबधिर साली की हत्या मौसेरे भाई संग मिलकर किया कत्ल कोर्ट ने सुनाई सख्त सजा जीजा इसलिए बन बैठा कातिल
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