उत्तराखंड में अगले चुनाव की तैयारी में जुटी भाजपा के आठ विधायकों की तैयारी और उम्मीदवारी फंस सकती है। पार्टी के दो सर्वे की कसौटी पर ये विधायक फेल हो गए हैं। अब संगठन ने इन्हें सख्त लहजे में धरातल पर वादे पूरे करने की नसीहत दी है।प्रदेश में लगातार दो सरकार चलाने के बाद अब तीसरी सरकार तक पहुंचने में भाजपा कोई चूक नहीं चाहती। पार्टी के वरिष्ठ सूत्रों के मुताबिक, एक-एक सीट और वहां के निर्वाचित पार्टी विधायकों को लेकर संगठन गंभीर है। जो सीटें पिछले चुनाव में जीते थे, उनके सर्वे में ही आठ सीटों पर हार का खतरा नजर आया है।
सभी सीटों को लेकर गहराई से जानकारी सामने आई
यहां के विधायकों ने जनता से जो वादे किए थे, वह अब तक पूरे नहीं किए। धरातल पर उनकी सक्रियता भी अपेक्षाकृत कम है। अगले चुनाव के मद्देनजर भाजपा 10 साल की सत्ता विरोधी किसी लहर को पनपने नहीं देना चाहती। साथ ही उन सीटों पर भी अलग से रणनीति बनाई गई है, जो पिछले चुनाव में हार गए थे। सर्वे में इन सभी सीटों को लेकर गहराई से जानकारी सामने आई है, जिस पर संगठन आगे की रणनीति तैयार करने में जुटा है। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट का स्पष्ट रुख है कि उनके लिए एक-एक सीट पर जिताऊ उम्मीदवार ही प्राथमिकता है। सर्वे भी इसी नजरिए से देखे जा रहे हैं। माना जा रहा है कि अगले चुनाव की तैयारी में जुटे विधायकों ने अपने प्रदर्शन में सुधार न किया तो पार्टी उनका टिकट काटने से गुरेज नहीं करेगी।







