बीआरडी मेडिकल कॉलेज से जुड़ा एक असामान्य मामला सामने आया है, जिसने प्रशासन को भी असमंजस में डाल दिया है। वर्ष 2014 में एमबीबीएस प्रथम वर्ष में प्रवेश लेने वाला एक छात्र 11 वर्ष बीत जाने के बाद भी अपनी पढ़ाई पूरी नहीं कर सका है। 20 दिन पहले कॉलेज का हॉस्टल भी छोड़कर चला गया है। छात्र के पिता का कहना है कि बच्चे की मानसिक हालत ठीक नहीं है। कॉलेज प्रशासन ने इस मामले में उसके पिता को जवाब देने के लिए अतिरिक्त समय दिया है।छात्र करीब 20 दिन पहले कॉलेज का हॉस्टल छोड़कर अपने घर आजमगढ़ चला गया है। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए बीआरडी प्रशासन ने छात्र और उसके पिता को कॉलेज बुलाकर स्थिति स्पष्ट करने को कहा था।
हैरानी की बात यह है कि इतने लंबे समय तक नियमित पढ़ाई न होने के बावजूद छात्र का नामांकन कॉलेज में बना रहा। यह मामला मेडिकल शिक्षा प्रणाली में नियमों और निगरानी पर भी कई सवाल खड़े कर रहा है।मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. रामकुमार जायसवाल ने बताया कि जब तक छात्र और उसके पिता स्वयं उपस्थित होकर अपना पक्ष नहीं रखते, तब तक किसी भी प्रकार का अंतिम निर्णय नहीं लिया जाएगा। फिलहाल यथास्थिति बनाए रखने का फैसला लिया गया है।छात्र के पिता ने पारिवारिक और स्वास्थ्य संबंधी कारणों का हवाला देते हुए कॉलेज प्रशासन से एक सप्ताह का अतिरिक्त समय मांगा है, जिसे स्वीकार कर लिया गया है। कॉलेज प्रशासन के सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि छात्र को आगे परीक्षा में बैठने की अनुमति दी जाए या नहीं।साथ ही छात्र का रजिस्ट्रेशन निलंबित किया जाए या कोई अन्य विकल्प अपनाया जाए, इस पर भी अभी निर्णय लंबित है। छात्र के पिता ने बताया कि उनके बेटे की मानसिक स्थिति ठीक नहीं रहती। वह घर पर भी कम बातचीत करता है और अक्सर गुमसुम रहता है। उसका इलाज चल रहा है।







