आगरा के मिढ़ाकुर क्षेत्र में रेल परियोजनाओं के बीच आवागमन की बुनियादी सुविधाएं प्रभावित होने से ग्रामीणों में रोष है। चकमार्ग संख्या 980 और गूल संख्या 989 पर पुल निर्माण, आगरा-बयाना रेल लाइन के आगरा रजवाह स्थित फाटक संख्या 62ए पर आरओबी/आरयूबी तथा मिढ़ाकुर रेलवे स्टेशन पर फुट ओवरब्रिज (एफओबी) को उपयोगी स्थान पर बनाने की मांग को लेकर बृहस्पतिवार को ग्रामीणों ने जिलाधिकारी मनीष बंसल से मुलाकात की है।किसान-मजदूर नेता चौधरी दिलीप सिंह ने बताया कि फाटक संख्या 62ए करीब 46 वर्षों से बंद है, जिससे लोगों को रोजाना लंबा चक्कर लगाना पड़ता है। आपात स्थिति में यह समस्या और गंभीर हो जाती है। इस संबंध में पूर्व में उत्तर मध्य रेलवे को पत्राचार भी किया जा चुका है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने बताया कि मिढ़ाकुर रेलवे स्टेशन पर बना फुट ओवरब्रिज वर्तमान स्थान पर उपयोगी नहीं है।इसे पुलिस चौकी के पास वाले मार्ग और गढ़ी गूजरा मार्ग को जोड़ने वाले स्थान पर विकसित करने से सीधा और सुरक्षित आवागमन संभव हो सकेगा। जिलाधिकारी ने अगले सप्ताह रेलवे अधिकारियों के साथ बैठक कर समस्या के समाधान पर विचार करने का आश्वासन दिया है। चौधरी दिलीप सिंह ने कहा कि यदि 30 अप्रैल तक निर्णय नहीं हुआ तो एक मई से प्रभावित ग्रामीणों के साथ बेमियादी धरना शुरू किया जाएगा। इस दौरान सुरेंद्र सोलंकी, दिलीप सोलंकी, सुखपाल सिंह, सौदान सिंह, किशन शर्मा, सतेंद्र पाल, भीम सिंह, पूरन सिंह, पदम सिंह, गोपाल सिंह आदि मौजूद रहे।
रेल परियोजनाओं से बिफरे ग्रामीण आंदोलन की चेतावनी मिढ़ाकुर में रास्ता बंद ग्रीमीणों ने 30 अप्रैल की दी तारीख
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