केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) के परिणामों में इस वर्ष गिरावट दर्ज की गई है। बोर्ड का कुल पास प्रतिशत पिछले वर्ष की तुलना में करीब दो फीसदी कम रहा जिससे सीबीएसई की साख पर सीधा असर पड़ा है। शिक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि यह गिरावट केवल आंकड़ों तक सीमित नहीं है बल्कि शिक्षा की गुणवत्ता, मूल्यांकन प्रणाली और विद्यार्थियों की तैयारी पर भी सवाल खड़े करती है। देशभर में सीबीएसई के कुल 22 रीजन हैं जिनमें देहरादून रीजन इस बार 81.42 पासिंग प्रतिशत के साथ 17वें स्थान पर रहा। बीते साल देहरादून रीजन में 83.45 फीसदी छात्र-छात्राएं पास हुई थीं।
सीबीएसई की काउंसलर डॉ. सोना कौशल गुप्ता ने कहा कि केवल परीक्षा परिणामों पर ध्यान देने के बजाय पढ़ाई के समग्र स्तर को सुधारने की जरूरत है। इसके लिए विद्यालयों में बेहतर शिक्षण व्यवस्था, नियमित मूल्यांकन और छात्रों को मानसिक रूप से मजबूत बनाने पर जोर देना होगा।देशभर में पासिंग प्रतिशत की बात करें तो तिरुवनंतपुरम रीजन 95.62 फीसदी पासिंग प्रतिशत के साथ पहले स्थान पर रहा। जबकि चेन्नई रीजन 93.84 फीसदी के साथ दूसरे और बंगलूरू रीजन 93.19 फीसदी के साथ तीसरे स्थान पर रहा। सबसे खराब प्रदर्शन की बात करें तो प्रयागराज रीजन 72.43 पासिंग प्रतिशत के साथ सबसे आखिरी स्थान पर रहा।
उत्तराखंड के विद्यालयों का प्रदर्शन
एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय
कुल छात्र 43
परीक्षा में सम्मिलित 43
पास 100 प्रतिशत
सरकारी स्कूल
कुल छात्र 10523
परीक्षा में सम्मिलित 10453
पास 80.99 प्रतिशत
सहायता प्राप्त विद्यालय
कुल पंजीकृत छात्र 79
परीक्षा में सम्मिलित 79
पास 89.87 प्रतिशत
निजी स्कूल
कुल पंजीकृत छात्र 43665
परीक्षा में सम्मिलित 43508
पास 85.74 प्रतिशत
जवाहर नवोदय विद्यालय
कुल पंजीकृत छात्र 884
परीक्षा में सम्मिलित 882
पास 99.9 प्रतिशत
केंद्रीय विद्यालय
कुल पंजीकृत छात्र 3105
परीक्षा में सम्मिलित 3101
पास 99 प्रतिशत







