नैनीताल के मल्लीताल कोतवाली में बुधवार सुबह उस समय खलबली मच गई जब शहर कोतवाल हेम पंत ने खुद को अपने आवासीय कमरे में बंद कर लिया। काफी देर तक दरवाजा नहीं खुलने और भीतर से कोई जवाब नहीं मिलने पर पुलिस महकमे में खलबली मच गई। अनहोनी की आशंका के बीच पुलिसकर्मियों ने दरवाजा तोड़कर भीतर प्रवेश किया जहां कोतवाल रोते-बिलखते मिले। बताया जा रहा है कि पिछले कुछ समय से कोतवाल मानसिक तनाव में चल रहे थे। मामला उनकी संबद्धता समाप्त होने के बाद मूल तैनाती अल्मोड़ा भेजने से जुड़ा बताया जा रहा है। बुधवार सुबह करीब दस बजे तक कोतवाल हेम पंत कोतवाली नहीं पहुंचे। इसके बाद पुलिसकर्मी उनके आवास पहुंचे और दरवाजा खटखटाया लेकिन अंदर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। कई बार आवाज लगाने के बावजूद जवाब नहीं मिलने पर पुलिसकर्मियों में घबराहट फैल गई। आखिरकार दरवाजा तोड़कर अंदर पहुंचे कर्मियों ने कोतवाल को भावुक और परेशान हालत में देखा। सीओ अंजना नेगी और एलआईयू की टीम मौके पर पहुंच गई। पुलिस अधिकारियों ने पूरे मामले को गोपनीय रखने की कोशिश की और पत्रकारों को कर्मचारी आवास की ओर जाने से रोक दिया गया। कई घंटे तक निगरानी के बाद पुलिस ने कोतवाल के परिजनों को बुलाया और उन्हें परिवार के साथ भेज दिया। घटना के बाद पुलिस महकमे में दिनभर चर्चाएं चलती रहीं। वहीं शहर में भी यह सवाल बना रहा कि आखिर ऐसा क्या हुआ कि एक कोतवाल को खुद को कमरे में बंद करना पड़ा और हालात इतने तनावपूर्ण हो गए कि अनहोनी की आशंका तक पैदा हो गई।
महिला कांस्टेबल के तबादले पर बढ़ा विवाद
सूत्रों के अनुसार कुछ दिन पहले कोतवाली में तैनात एक महिला पुलिसकर्मी का स्थानांतरण कर दिया गया था। इसके बाद कोतवाल हेम पंत ने एसएसपी से महिला कर्मियों की कमी का हवाला देते हुए स्थानांतरण रोकने और अतिरिक्त महिला कांस्टेबल तैनात करने की मांग की थी। बताया जा रहा है कि इसी मुद्दे पर उनकी वरिष्ठ अधिकारियों से बहस भी हुई थी। कोतवाल हेम पंत ने बातचीत में कहा कि उन्होंने पूरी लगन और ईमानदारी से अपनी ड्यूटी निभाई। उनका आरोप है कि महिला कांस्टेबल के स्थानांतरण पर सवाल उठाने और महिला कर्मियों की मांग करने के बाद उन्हें मूल तैनाती पर भेज दिया गया। उन्होंने कहा कि वह वरिष्ठ अधिकारियों के रवैये से इतने परेशान हो गए थे कि कोई भी बड़ा कदम उठा सकते थे। बताया कि वह अल्मोड़ा चले गए हैं।
दो महीने से चल रहा संबद्ध कर्मियों को वापस भेजने का अभियान
पुलिस मुख्यालय और शासन स्तर पर पिछले दो महीनों से विभिन्न जिलों और थानों में संबद्ध चल रहे पुलिसकर्मियों को उनकी मूल तैनाती पर भेजने की प्रक्रिया जारी है। एसएसपी डॉ. मंजूनाथ टीसी ने बताया कि नैनीताल जिले में कोतवाल समेत सात पुलिसकर्मी संबद्ध चल रहे थे जिन्हें तीन दिन पहले ही मूल तैनाती पर भेजने के आदेश जारी किए थे। आदेश जारी होने के बाद कोतवाल की ओर से महिला कांस्टेबल की कमी का मुद्दा उठाया गया था जिस पर जल्द तैनाती का आश्वासन भी दिया गया था।पूरे घटनाक्रम की जानकारी मीडिया के माध्यम से मिली है। कोतवाल की ओर से पुलिस विभाग को बदनाम करने की कोशिश की जा रही है। मामले में रिपोर्ट तलब कर ली गई है और आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। – डॉ. मंजुनाथ टीसी, एसएसपी, नैनीताल







