Sunday, April 19, 2026
spot_img
Homeउत्तराखण्डशिक्षक संघ ने विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ जतायी नाराजगी

शिक्षक संघ ने विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ जतायी नाराजगी

श्री देव सुमन उत्तराखंड विश्वविद्यालय के पंडित ललित मोहन शर्मा परिसर में शिक्षक संघ की बैठक आयोजित की गई। बैठक में शिक्षकों से संबंधित विभिन्न समस्याओं पर चर्चा की गई। संघ की ओर से राजकीय महाविद्यालय से समायोजित होने के तीन वर्ष बाद भी समायोजन के समय शासनादेश में उल्लेखित अनेक विषयों पर विश्वविद्यालय की ओर से ठोस कार्रवाई नहीं होने पर नाराजगी व्यक्त की गई। विभिन्न विषयों पर उचित निर्णय न लेने पर विरोध प्रदर्शन की चेतावनी दी है।बैठक में शिक्षक संघ ने प्रयोगात्मक परीक्षाओं में पारिश्रमिक का भुगतान न होने पर आगामी सत्र से प्रयोगात्मक परीक्षाओं का सामूहिक बहिष्कार करने का निर्णय लिया है। कहा विश्वविद्यालय की ओर से अधिकांश दायित्व और कार्यों को मौखिक आदेश के रूप में ही दिया जाता है। उन्होंने इस पर आपत्ति व्यक्त करते हुए भविष्य में लिखित आदेशों पर ही अनुपालन करने का निर्णय लिया है।

संघ की ओर से शैक्षिक परिषद और आरडीसी की बैठकों में सभी सदस्यों को स्टिंग चार्ज का प्रावधान देने की मांग की गई। विवि की ओर से गठित विभिन्न समितियों में तीनों संकायों का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने के लिए विवि से मांग की गई है। विभिन्न बैठकों में शामिल होने वाले प्राध्यापकों को नियमानुसार यात्रा और देयक के भुगतान का स्पष्ट उल्लेख होने की दशा में ही प्राध्यापक इन बैठकों में शामिल होंगे। डीन ऑफ फैकल्टी अफेयर्स के पद का सृजन करने की मांग विवि से की गई। कुल सचिव के कार्य प्रणाली और उनके शिक्षकों के प्रति व्यवहार को लेकर भी संघ ने रोष व्यक्त किया गया। विवि परिसर में कार्यरत ऐसे शिक्षकों को जिन्हें पुरानी पेंशन स्कीम और करियर एडवांसमेंट का लाभ दिया जाना है ऐसे प्रकरण पर विवि की ओर से धीमी प्रगति पर शिक्षक संघ ने नाराजगी जताई। बैठक में शिक्षक संघ के अध्यक्ष प्रो. एनके शर्मा, प्रो. कल्पना पंत, प्रो. बीएन गुप्ता, प्रो. वीपी श्रीवास्तव, प्रो. दीप शर्मा, एपी दुबे, पुष्कर गौड़, डा. हेमंत सिंह, कृष्णा नौटियाल आदि शामिल रहे।

spot_img
spot_img
spot_img
RELATED ARTICLES
- Advertisment -
Google search engine
https://bharatnews-live.com/wp-content/uploads/2025/10/2-5.jpg





Most Popular

Recent Comments