हले बीते वर्ष मई माह में झरने के ऊपर से पेड़ गिरने पर नीचे स्नान कर रहे एक महिला पर्यटक समेत दो लोगों की मौत हो गई थी। उसके बाद से झरने को स्नान के लिए प्रतिबंधित कर दिया गया था। घटना के बाद वन विभाग ने पेड़ कटान के लिए वन निगम को पत्र लिखा था लेकिन अब तक पेड़ों का कटान भी नहीं किया गया है जबकि संयुक्त निरीक्षण के दौरान 17 पेड़ असुरक्षित पाए गए हैं। दूसरी ओर वन विभाग ने निगम को केवल पांच असुरक्षित पेड़ों के कटान की अनापत्ति दी है।26 मई 2025 को टाइगर फॉल में बड़ा हादसा हुआ था। अचानक झरने के ऊपर से एक बड़ा पेड़ नीचे गिर गया था जिसकी चपेट में आकर दिल्ली की एक महिला पर्यटक और एक स्थानीय व्यक्ति की मौत हो गई थी। दो जून 2025 को तहसील प्रशासन, पर्यटन विभाग और वन विभाग की टीम ने झरने के ऊपरी हिस्से का संयुक्त निरीक्षण किया था।
सुरक्षा कार्य कर झरने को पर्यटकों के लिए खोलने की मांग
इस दौरान 17 पेड़ों की स्थिति को असुरक्षित पाया गया था। उसके बाद प्रशासन ने झरने में स्नान करने पर रोक लगा दी थी। कहा गया था कि पर्यटक झरने को देखने के साथ ही फोटो खींच सकते हैं। क्षेत्रीय विकास निगरानी समिति के पदाधिकारी और सदस्य प्रशासन से लंबे समय से सुरक्षा कार्य कर झरने को पर्यटकों के लिए खोलने की मांग कर रहे थे। उनका कहना था कि झरने में स्नान गतिविधि बंद होने से स्थानीय व्यापारियों का काम पूरी तरह से ठप हो गया है। मुख्य विकास अधिकारी ने टाइगर फॉल के संयुक्त निरीक्षण कर कार्रवाई के लिए तत्कालीन एसडीएम डॉ. हर्षिता सिंह को निर्देशित किया था।
मौजूदा पर्यटन सीजन में अचानक टाइगर फॉल में पर्यटकों के आने और नहाने का सिलसिला शुरू हो गया है। बड़ी संख्या में पर्यटक झरने में स्नान कर रहे हैं। पिछले एक सप्ताह से मौसम में बड़ा परिवर्तन आया है। क्षेत्र में रुक-रुक कर बारिश और ओलावृष्टि हो रही है। ऐसे में अगर, झरना उफान पर आता है तो बड़ा हादसा हो सकता है।वन निगम को असुरक्षित पेड़ों के कटान के लिए अनापत्ति दी गई है। पेड़ों का कटान निगम की ओर से किया जाना है। – वैभव कुमार, डीएफओ, चकराता
पर्यटकों के लिए टाइगर फॉल खोलने की जानकारी नहीं है। निरीक्षण के लिए गठित समिति में मैं शामिल नहीं हूं। संबंधित अधिकारियों से मामले की जानकारी ली जाएगी। – प्रेमलाल, एसडीएम, चकराता
विभाग का पत्र हाल में प्राप्त हुआ है। पेड़ों के कटान की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। पांच पेड़ों के कटान के लिए अनापत्ति मिली है। – ऊषा पुरी, डीएलएम, चकराता







