एचपीवी टीकाकरण अभियान की राष्ट्रव्यापी शुरुआत के क्रम में उत्तराखंड में राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि) की उपस्थिति में इसका शुभारंभ किया गया। इसकी शुरुआत राजधानी के गांधी शताब्दी अस्पताल से की गई। इस दौरान 29 किशोरियों को निशुल्क एचपीवी टीका की डोज लगाई गई।शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राजस्थान से एचपीवी टीकाकरण अभियान को हरी झंडी दिखाई। उत्तराखंड में इसके शुभारंभ कार्यक्रम में मौजूद राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि.) ने कहा कि यह अभियान महिला स्वास्थ्य सुरक्षा के एक मजबूत संकल्प है। यह राष्ट्र की बेटियों के स्वास्थ्य सुरक्षा की दिशा में अत्यंत संवेदनशील और दूरदर्शी पहल है। बेटियां राष्ट्र का भविष्य हैं और स्वस्थ नारी ही परिवार और समाज की सशक्त रीढ़ होती है। यह सर्वाइकल कैंसर जैसी गंभीर बीमारी की रोकथाम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
भारत सरकार की ओर से बड़े स्तर पर टीकाकरण मिशन की शुरूआत की गई है। यह पहल आने वाले वर्षों में महिला स्वास्थ्य के क्षेत्र में सकारात्मक परिवर्तन लाएगी। राज्यपाल ने आयुष्मान आरोग्य मंदिरों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों से इस अभियान में सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने का आह्वान किया। अभियान के प्रथम चरण में प्रदेशभर में 155 एचपीवी टीकाकरण केन्द्रों की पहचान की गई है।ये सभी सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में स्थित हैं। इन केंद्रों पर 14 वर्ष आयु की पात्र किशोरियों को वैज्ञानिक प्रमाणों के आधार पर एचपीवी टीका लगाया जाएगा। इससे संक्रमण से पूर्व अधिकतम सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
तो ये है एचपीवी वैक्सीन
एचपीवी का अर्थ है ह्यूमन पैपिलोमा वायरस। यह वायरस सर्वाइकल कैंसर के लगभग 90 प्रतिशत मामलों में एक बड़ा कारण है। इस वायरस से बचाव के लिए ही एचपीवी टीका भारत सरकार ने लॉन्च किया है। यह टीका सिर्फ बालिकाओं के लिए उपलब्ध है। इसके लिए पात्र ऐसी बालिकाएं होंगी, जो 14 वर्ष की आयु पूरी कर चुकी हैं। उन्हें 15 वर्ष की आयु पूरी होने से टीका लगाया जाना अनिवार्य है।
ये रहे मौजूद
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, विधायक खजानदास, स्वास्थ्य सचिव सचिन कुर्वे, महानिदेशक स्वास्थ्य डॉ. सुनीता टम्टा, मिशन निदेशक एनएचएम मनुज गोयल, निदेशक डॉ. रश्मि पंत, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मनोज कुमार शर्मा, सीएमएस जिला चिकित्सालय डॉ. मनु जैन, राजकीय दून मेडिकल कॉलेज की प्राचार्य डॉ गीता जैन, अपर निदेशक चिकित्सा शिक्षा विभाग डॉ. रविंद्र सिंह बिष्ट, डॉ. कुलदीप मार्तोलिया, डॉ. बिमलेश जोशी, डॉ. अनिल आर्य, डॉ. दिनेश चौहान और डॉ. निधि रावत आदि मौजूद रहे।







