रामपुर में तीन प्लाईवुड फैक्ट्रियों में आयकर विभाग की जांच चौथे दिन भी जारी है। दिल्ली से आए छह वरिष्ठ अधिकारियों की टीम इन फैक्ट्रियों के वित्तीय लेनदेन से जुड़े प्रपत्रों की गहनता से पड़ताल कर रही है। सूत्रों के अनुसार, इस मामले में बरेली और रुद्रपुर स्थित कंपनियों का भी सर्वे किया जा रहा है, जो इन फैक्ट्रियों को कच्चा माल सप्लाई करती हैं।यह जांच एनजी प्लाईवुड, एमएन इंडस्ट्रीज और एमआई इंडस्ट्रीज फैक्ट्रियों पर केंद्रित है। तीनों फैक्ट्रियां रामपुर के बड़े व्यापारी मुनन खां और नईम खां उर्फ बबलू के स्वामित्व में हैं। नईम खां उर्फ बबलू, मुरादाबाद के सपा के पूर्व सांसद के समधी बताए जा रहे हैं। प्रशासनिक सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, रुद्रपुर, बरेली सहित देश की कई अन्य कंपनियों की भी आयकर जांच चल रही है। यह जांच एक कंपनी में सामने आए आयकर चोरी के मामले के बाद शुरू हुई है, जिसके चलते कच्चा माल सप्लाई करने वाली कंपनियों पर भी शिकंजा कसा गया है।शनिवार को टीम ने दोनों मालिकों से लंबी पूछताछ की और रुद्रपुर स्थित प्लाईवुड कंपनियों को बेचे गए कच्चे माल के प्रपत्रों की भी जांच की। इसके अतिरिक्त, किसानों से खरीदे गए कच्चे माल और उन्हें किए गए नकद भुगतान के बारे में भी जानकारी जुटाई गई है। हालांकि, अभी तक आयकर विभाग की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
लंबी जांच की जिले में हो रही है चर्चा
चार दिन से चल रही इस आयकर जांच को लेकर जिले में चर्चाओं का बाजार गर्म है। कई लोग इस जांच को पूर्व में आजम खां के ठिकानों पर हुई आयकर छापेमारी से जोड़कर देख रहे हैं। ऐसा माना जा रहा है कि जिस तरह पूर्व में आजम खां के ठिकानों पर की गई छापेमारी में टीम को कुछ खास नहीं मिला था, उसी तरह यहां भी जांच में देरी हो रही है क्योंकि अभी तक कुछ ठोस हाथ नहीं लगा है।टीम का खाना बाहर से आ रहा हैआयकर विभाग की टीम की गाड़ियों को केवल खाने के पैकेट लेने के लिए ही बाहर आते देखा जा रहा है। फैक्ट्रियों के परिसर में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) का कड़ा पहरा है। फैक्ट्रियों में काम करने वाले श्रमिकों का कहना है कि जांच के कारण उनका काम बंद है और वह खाली बैठे हैं।उन्होंने बताया कि टीम ड्राइवरों के माध्यम से खाने के पैकेट मंगवा रही है और कोई भी अधिकारी या कर्मचारी बाहर नहीं निकल रहा है। किसी को भी फोन पर बात करने की अनुमति नहीं है। हालांकि, श्रमिकों को फैक्टरी के अंदर-बाहर आने-जाने की छूट दी गई है।







